आर्थिक तंगी से हताश राजस्व कर्मी ने तहसील परिसर में किया आत्मदाह

बर्खास्तगी और वेतन न मिलने से परेशान राजस्व विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी संग्रह अनुसेवक ने तहसील कार्यालय परिसर में ही खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। जिला अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि उसे 1993 में बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर उसकी दो बार बहाली हुई थी।



कस्बे के देविन नगर के रहने वाले चुन्नूलाल कुशवाहा (59) पुत्र सुदामा नरैनी तहसील में संग्रह अनुसेवक पद पर तैनात थे। रविवार को दिन में करीब 11 बजे तहसील परिसर में अपने (संग्रह) कार्यालय के सामने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली।

उसे जलता देख तहसील में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड ने शोर मचाकर लोगों को बुलाकर आग बुझाई। यूपी-112 भी बुला ली गई। तत्काल उसे सीएचसी लाया गया। यहां से चिकित्साधीक्षक डॉ. बीएस राजपूत ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉ. राजपूत के मुताबिक चुन्नूलाल 90 फीसदी से ज्यादा झुलस गए थे। जिला अस्पताल लाते ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पुत्र सुरेश कुमार ने बताया कि चुन्नूलाल लगभग 33 साल से तहसील में कार्यरत था। पुत्र के मुताबिक कई महीने से वेतन न मिलने से परेशान होकर आत्मदाह किया। उधर, नायब तहसीलदार आरके शुक्ला ने बताया कि चयन समिति के समक्ष उपस्थित न होने पर वर्ष 1993 में चुन्नूलाल को बर्खास्त कर दिया गया था। तीन अन्य अनुसेवक भी बर्खास्त हुए थे।